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शिक्षक दिवस पर सबसे अच्छा भाषण | Teacher’s day speech in Hindi

नमस्कार दोस्तों। आज का आर्टिकल है Teacher’s day speech in Hindi (शिक्षक दिवस पर भाषण) साथ में ही हम आपको Teacher’s day interesting facts बताएँगे जिसे आप अपने टीचर डे भाषण में बोल सकते है |

कहते हैं कि शिक्षक समाज का निर्माण करने में अहम भूमिका निभाता है। आपने वो दोहा तो जरूर सुना होगा-

गुरु कुम्हार शिष्य कुंभ है गढ़-गढ़ काढ़े खोट
अंतर हाथ सहार दे बाहर मारे चोट

यानि जैसे कुम्हार मटका बनाते हुए उस पर बाहर से जोर देता है पर अंदर की तरफ दूसरे हाथ से सहारा देता है उसी तरह गुरु रूपी कुम्हार, शिष्य रूपी मटके को गढ़ता है और संवारता है।

इन दिनों शिक्षक दिवस की तैयारियां चल रही हैं। आपने भी अपनी स्कूल या कॉलेज लाइफ के दौरान टीचर्स डे पर स्पीच जरूर दी होगी। शिक्षक दिवस क्या होता है, शिक्षक दिवस क्यों मनाते हैं ऐसी बहुत सी बातों की जानकारी हम इस आर्टिकल में देंगे।

हो सकता है इस बार के शिक्षक दिवस पर आपको भी teacher’s day speech in hindi देने का मौका मिले। तो इस आर्टिकल को ध्यान से और पूरा पढ़िए।

शिक्षक दिवस क्या होता है ?

दोस्तों शिक्षकों के महत्व को जताने और उनका आभार प्रकट करने के मकसद से भारत में हर साल एक दिन उनके सम्मान के लिए रखा गया है। जैसे आप पर्यावरण दिवस, महिला दिवस मनाते हैं उसी तरह शिक्षक दिवस भी मनाया जाता है।

हालांकि शिक्षक के योगदान को देखते हुए एक दिन काफी नहीं है फिर भी हमने एक ऐसा खास दिन बना लिया है जब शिक्षक की महिमा को देश भर में उत्सव का रंग दे दिया जाता है।

शिक्षक दिवस क्यों मनाते हैं ?

हमारे पहले उप राष्ट्रपति डाॅ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन मेनन जी का जन्मदिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। ठीक वैसे ही जैसे चाचा नेहरू का जन्मदिन बाल दिवस के रूप में मनाते हैं।

डॉ. राधाकृष्णन अपने समय के बड़े ज्ञानी थे और उन्होंने स्वतंत्रता के बाद शिक्षा के विकास में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कहा जाता है कि उनके साथियों ने एक बार उनसे कहा कि क्यों न आपका जन्मदिन बहुत धूमधाम से मनाया जाए।

इस पर उनका जवाब था कि मेरा जन्मदिन मनाने से बेहतर है आज का दिन शिक्षकों को समर्पित कर दिया जाए।इसलिए तब से डॉ. मेनन का जन्मदिन शिक्षक दिवस के तौर पर मनाया जाने लगा।

शिक्षक दिवस कब मनाते हैं ?

शिक्षक दिवस हर साल 5 सितंबर को मनाते हैं। शिक्षक दिवस मनाने की शुरुआत साल 1962 से हुई थी।

Tearcherss day speech in Hindi

अब हम अपने मुख्य विषय पर आते हैं यानि teacher’s day speech in Hindi.

अगर आपको भी शिक्षक दिवस के लिए स्पीच तैयार करनी है तो ये सेक्शन आपके बहुत काम आएगा। हमने teachers day speeh in Hindi इस तरह लिखी है कि चाहे आप स्कूल में हों या कॉलेज में आपको इस स्पीच से पूरी मदद मिल जाएगी।

भारत में गुरु शिष्य परंपरा रही है। हमारे देश में शिक्षक को माता-पिता और भगवान से भी ऊंचा दर्जा दिया जाता है।आपने एकलव्य और आरुणि जैसे आज्ञाकारी छात्रों की कहानियां सुनी होंगी।कहा भी गया है

गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागूं पाएं,

बलिहारी गुरु आपने जिन गोविंद दियो बताए।

यानि अगर मेरे सामने गुरु और भगवान दोनों हों तो मैं पहले गुरु के चरण स्पर्श करूंगा क्योंकि गोविंद तक ले जाने का रास्ता गुरु ने ही बताया है।

हर साल शिक्षक दिवस पर हम अपने गरुजनों का सम्मान करते हैं। टीचर्स डे स्पीच दी जाती है। शिक्षकों को शॉल, श्रीफल, फूल, माला देकर सम्मानित किया जाता है। स्टूडेंट्स रंगारंग कार्यक्रम करते हैं। गीत, नृत्य और नाटिकाओं के माध्यम से शिक्षकों के लिए स्नेह जताया जाता है। कहते हैं गुरु की जरूरत तो भगवान को भी होती है।

ये दोहा इस बात को साबित करता है-

राम कृष्ण सबसे बड़ा उनहूँ तो गुरु कीन्ह

तीन लोक के वे धनी गुरु आज्ञा आधीन

एक ही टीचर किसी को डॉक्टर बनने की राह दिखाता है तो किसी को इंजीनियर। कोई उनसे लॉयर बनने की प्रेरणा लेता है, कोई सैनिक और कोई उनके जैसा टीचर ही बनने की ख्वाहिश रखता है।

टीचर पूरी की पूरी पीढ़ी का दारोमदार अपने कंधों पर रखता है। एक शिक्षक सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं देता बल्कि नैतिक और सामाजिक शिक्षा भी देता है। जो व्यक्ति राष्ट्र के निर्माण में इतनी बड़ी हैसियत रखता हो उसके लिए इतना आभार तो दिया ही जाना चाहिए।

इतना ही नहीं अच्छे शिक्षकों को सरकार भी बहुत से पुरस्कार देती है। जैसे राष्ट्रपति और राज्यपाल पुरस्कार। जैसे एक दिया अंधेरे को खत्म कर देता है, शिक्षक अज्ञान के अंधकार को दूर कर देता है। किसी ने क्या खूब कहा है-

गुरु दीपक, गुरु चांद है
गुरु बिन घोर अंधकार है

इस कड़ी में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन मेनन जी का नाम सबसे ऊपर रखा जा सकता है। उनका जन्म 5 सितंबर 1888 को हुआ था। वे भारत के पहले उप राष्ट्रपति थे। उनका कार्यकाल साल 1952 से लेकर 1962 तक रहा। इसके अलावा उन्होंने साल 1962 से 1967 तक भारत के दूसरे राष्ट्रपति के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं।

ये हम सब जानते हैं कि सन् 1947 में आजादी मिलने के बाद हमारे देश की हालत क्या थी। बुनियादी सुविधाएं तो खराब थीं ही पर शिक्षा की नैया भी डगमगा रही थी।

डॉ. राधाकृष्णन बहुत बड़े विद्वान, उच्च शिक्षित और अनुभवी व्यक्ति थे। उनका मानना था कि शिक्षकों को सबसे योग्य और दक्ष होना चाहिए। इसलिए उन्होंने भारत में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बहुत से जरूरी कदम उठाए।

वे एक महान शिक्षक तो थे ही पर शिक्षा के अलावा भी भारत के विकास में उन्होंने कई महत्वपूर्ण योगदान दिए। इनमें से एक था हेल्प एज इंडिया (Helpage india) नाम के संगठन की स्थापना से जुड़ना। ये संस्था बुजुर्गों की देखभाल से जुड़े काम करती है।

सर्वपल्ली राधाकृष्णन मेनन अपनी स्टूडेंट लाइफ में भी बहुत होनहार थे। उनको पढ़ाई के दौरान बहुत सी स्कॉलरशिप मिलती रहीं। उन्होंने मद्रास यूनिवर्सिटी से दर्शनशास्त्र यानि philosophy में ग्रेजुएशन किया। बीस साल की छोटी सी उम्र में ही उनकी थीसिस छप चुकी थी जिसे उनके प्रोफेसरों ने खूब सराहा था।

इसके तुरंत बाद ही उनको मद्रास प्रेसीडेंसी कॉलेज में नौकरी मिल गई। इसके बाद उन्होंने मैसूर विश्वविद्यालय और कलकत्ता विश्वविद्यालय जैसे नामी संस्थानों में पढ़ाया। वे आंध्र यूनिवर्सिटी और BHU के कुलपति भी रहे। उनको साहित्य और शांति के नोबेल पुरस्कार के लिए कई बार नामांकित किया गया था। उनका राजनीतिक जीवन भी बहुत सफल रहा।

उन्होंने भारत के राजदूत, संविधान सभा के सदस्य, उप राष्ट्रपति और राष्ट्रपति के रूप में देश को अपनी सेवाएं दीं।

उनको साल 1954 में भारत रत्न के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। डॉ. राधाकृष्णन मेनन को जर्मनी, यूके और मेक्सिको जैसे देशों ने भी अपने ऊंचे दर्जे के पुरस्कारों से नवाजा है।

आप शिक्षक दिवस के महत्व को इस बात से ही समझ लीजिए कि दुनिया के बहुत से देश शिक्षक दिवस मनाते हैं। 5 अक्टूबर को Wold Teacher’s Day भी मनया जाता है। यूएस में तो टीचर्स वीक मनाने की परंपरा है।

हम अपनी स्टूडेंट लाइफ में सोचते हैं कि पढ़ाई करना सबसे मुश्किल काम है जबकि सच तो ये है कि उससे भी मुश्किल है पढ़ाना।

शिक्षक का वास्ता अलग-अलग उम्र के बच्चों से होता है। बच्चों का स्वभाव भी अलग होता है। एक शिक्षक के लिए बहुत बड़ी चुनौती होती है कि वो एक ही क्लास में इतने अलग-अलग बच्चों को न सिर्फ संभाले बल्कि उनको आगे बढ़ने का रास्ता भी दे।

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जरा सोचिए कि आप चुटकी बजाते ही बड़े से बड़े हिसाब, गुणा-भाग कर लेते हैं। पर शुरुआत में आपको ये सिखाया गया कि गुणा और भाग होता क्या है। जरा याद करिए कि आप चार और पांच कैसे जोड़ते थे या फिर सात में से दो कैसे घटाते थे। अब जरा सोचिए कि यही चीज आपको किसी छोटे बच्चे को सिखानी पड़े तो क्या होगा?

ऊपर से जब बच्चों को कोई चीज एक बार में समझ नहीं आती तो वो या तो डर के मारे चुप बैठ जाते हैं और एग्जाम में गल्ती करते हैं या फिर बार-बार सवाल पे सवाल करके उसी टॉपिक को समझाने की रिक्वेस्ट करते हैं। अगर टीचर की जगह आप हों तो कितनी देर सब्र रख पाएंगे?

यही वजह है कि शिक्षक की महिमा को शब्दों में बयान कर पाना मुश्किल है। फिर भी अगर कम से कम शब्दों में कहना हो तो शिक्षक उस दिए की तरह है जो खुद जलकर अपने आसपास उजाला करता है। अब अंत में गुरु की महिमा का बखान करते हुए कुछ दोहे

गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु, गुरु देवो महेश्वरा।
गुरु साक्षात परब्रह्म, तस्मै श्री गुरुवे नमः।।

ये तन विष की बेल री, गुरु अमृत की खान
शीश दिए जो गुरु मिले तो भी सस्ता जान

सब धरती कागज करूं, लिखनी सब बनराय।
सात समुद्र की मसि करूं, गुरु गुण लिखा न जाय॥

यानि धरती को कागज और सात समुद्रों को स्याही बनाकर लिखें तो भी गुरु की महिमा कहना असंभव है।

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निष्कर्ष – Teacher’s day speech in Hindi

दोस्तों हमने तो अपनी तरफ से आपको बेहतरीन speech on teacher’s day in Hindi लिखकर दी। आप चाहें तो इसे और भी रोचक बना सकते हैं। सबसे पहले आपको मंच पर मौजूद अतिथियों को नमस्कार करना चाहिए। फिर भूमिका बनाते हुए शुरुआत करनी चाहिए।

कोई भी व्यक्ति यदि हँसी-मजाक या किस्से को अपनी स्पीच में शामिल कर ले तो सुनने वाले भी बहुत मन लगाकर उस
पर ध्यान देते हैं। आप भी अपने बचपन में स्टूडेंट लाइफ का कोई किस्सा बताकर शिक्षक दिवस पर अपने भाषण को बहुत प्रभावशाली बना सकते हैं।

इसके अलावा आप कोई डायलॉग या एक्टिंग का सहारा ले सकते हैं। अपने किसी फेवरेट टीचर के बारे में बता सकते हैं। उनसे क्या सीखा और खुद में क्या बदलाव हासिल किए वो देख सकते हैं। अगर आपको उचित लगता है तो किसी टीचर के हावभाव या कोई खास बात दुहरा कर बोल सकते हैं।

आपको ये आर्टिकल कैसा लगा हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताइए और इसे अपने whatsapp पर शेयर भी जरुर करें ।

आप हमारे साथ यूट्यूब और टेलीग्राम पर भी जुड़ सकते हैं। आप सबको शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

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