इंजीनियर बनने के लिए क्या करें, ,कितना पैसा लगेगा ? | Engineer banne ke liye kya kare?

Engineer banne ke liye kya kare यह सवाल किसी भी विद्यार्थी के मन में उठना आश्चर्य की बात नहीं है क्योंकि जब कोई बच्चा छोटा होता है तो उसे सिर्फ यही बताया जाता है कि बड़ा होकर उसे इंजीनियर बनना है या फिर डॉक्टर।

Engineer banne ke liye kya karen
Engineer banne ke liye kya karen

अगर आप एक बेहतरीन इंजीनियर बनना चाहते हैं तो इसके लिए इस आर्टिकल में (Engineer banne ke liye kya kare) , step by step बताई गई पूरी जानकारी को ध्यान से पढ़ें।

इंजीनियर क्या होता है और क्या करते हैं ?

एक ऐसा इंसान जो इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर चुका हो, जिसे कुछ नया आविष्कार करने या डिजाइन करने का ज्ञान हो, जिसे
मशीनों या जटिल सिस्टम की समझ हो, वह इंजीनियर कहलाता है।

Engineer शब्द लैटिन भाषा के दो शब्दों ingeniare और ingenium से मिलकर बना है।

Ingeniare का अर्थ है “to create, generate, contrive, devise”

Ingenium का अर्थ है “cleverness”

इंजीनियर का मुख्य काम होता है अपने फील्ड या ब्रांच से जुड़ी नई चीजों का आविष्कार या डिजाइन करना।

भारत में इंजीनियरिंग की पढ़ाई/कोर्स –

भारत में इंजीनियरिंग के कोर्स मुख्यता दो श्रेणियों में उपलब्ध हैं –

  1. Undergraduate,
  2. Post Graduate.

 

Undergraduate के भीतर दो स्तर होते हैं –

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  1. Diploma in Engineering
  2. Bachelor of Engineering (B.E.) या Bachelor of Technology (B.Tech.)

 

भारत में इंजीनियर बनने में कितने साल लगते हैं ?

अगर आप भारत में इंजीनियर बनने के लिए Diploma in Engineering का कोर्स चुनते हैं तो इसके लिए 3 साल की पढ़ाई
करनी होगी।

Diploma in Engineering की पढ़ाई करने के आपका कम से कम कक्षा 10 वीं पास होना अनिवार्य है।

कक्षा 12वीं के बाद भी डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग का कोर्स किया जा सकता है लेकिन इसके लिए कक्षा 12वीं में Science
stream में Mathematics group होना अनिवार्य है।

अगर आप भारत में इंजीनियर बनने के लिए Bachelor of Engineering(B.E) या Bachelor of Technology
(B.Tech.) का कोर्स चुनते हैं तो इसकी पढ़ाई पूरी करने में 4 साल लगेंगे।

जिस व्यक्ति ने कक्षा 12वीं में Science stream में Mathematics group से पढ़ाई की हो वह B.E या B.Tech की पढ़ाई
करने के लिए योग्य है।

इंजिनियर बनने का प्रोसेस – Video

इंजीनियर  कितने प्रकार के होते हैं ?

 

भारत में इंजीनियरिंग की कई शाखाओं में पढ़ाई होती है, जिसमें से कुछ मुख्य और प्रसिद्ध शाखाओं के नाम इस प्रकार हैं –

  • Computer Science Engineering
  • Information Technology

आने वाले समय में कंप्यूटर का ही भविष्य है। इसलिए इस क्षेत्र में काफी अच्छा करियर और सैलरी भी है।

कम्प्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करने के बाद आपको जिस फील्ड में नौकरी मिलेगी वह है:

  • Web developers
  • Software developers
  • Language Programmers
  • Database Administrators
  • System Analysts
  • Software Testing professionals
  • Aerospace Aviation Engineering

Aerospace Aviation Engineering

Aerospace Aviation Engineering में aircraft और spacecraft को डिजाइन करना और डेवलप करना सिखाते हैं।

एयरोस्पेस एविएशन इंजीनियरिंग की दो sub branches हैं जिनके नाम है –

  • Aeronautical engineerings और
  • Astronautical engineering.

इस मॉर्डन ब्रांच में पढ़ाई करने पर जिस फील्ड में नौकरी मिल सकती है उनके नाम हैं:

  • Robotics Engineers
  • Designers
  • Quality standard in-charge
  • Research & Development Professionals

 

Chemical Engineering

जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को केमिकल्स के बारे में विस्तृत
जानकारी दी जाती है।

आजकल केमिकल इंजीनियर की बहुत सारे इंडस्ट्री में मांग है जैसे:

  • Food processing and manufacturing industries
  • Fertilizers industry
  • Oil and petroleum industry
  • Natural gas industries etc.

इसके अलावा, केमिकल इंजीनियर की health care, petrochemicals‌ और pharmaceuticals फील्ड में और भी ज्यादा
मांग है।

Mechanical Engineering

मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मशीनों और उसके parts को डिजाइन करने के बारे में पढ़ाया जाता है।

हर साल बड़ी-बड़ी कंपनियां जैसे – L&T, Tata Motors, SAIL, Siemens, BARC, BPCL बेहतरीन mechanical engineers को अपने यहां नौकरी पर रखती हैं।

Electronics & Communications Engineering

Electronics & Communications Engineering में electronic, electrical और communications की technologies को एक साथ मिलाकर पढ़ाया जाता है।

इसमें मुख्यता बिजली उत्पादन, मोटर वाहन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और प्रणालियों, दूरसंचार और इससे जुड़ी चीजों को सिखाया
पढ़ाया जाता है।

Biotechnology Engineering

Biotechnology Engineering में engineering, genetics, chemistry, microbiology और biochemistry जैसे विषयों को मिलाकर पढ़ाया जाता है।

बायो टेक्नोलॉजी इंजीनियर को जिन क्षेत्रों या इंडस्ट्री में नौकरी मिलती है उनके नाम हैं:

  • Agriculture
  • Animal husbandry
  • Pollution control
  • Eco-conservation
  • वैक्सीन और दवाओं से जुड़ी research और development
  • Fertilizers
  • Food processing etc.

 

Civil Engineering

Civil Engineering में मुख्यता construction of infrastructure सिखाते हैं।

इसके अलावा, आज के मॉर्डन लाइफ को ध्यान में रखते हुए structures की design, planning और maintenance के बारे में भी सिखाते हैं।

इसे भी पढ़े – इंजिनियर बनने में कितना पैसा लगता है ?

 

इंजीनियर बनने के लिए कौन सी ब्रांच अच्छी है ?

वैसे तो इंजीनियरिंग की ब्रांच चुनते वक्त आपको हमेशा अपने दिलचस्पी(interest) का ध्यान रखना चाहिए।

अगर आप किसी ऐसे ब्रांच में एडमिशन ले लेते हैं जिसमें आपको कोई इंटरेस्ट या जानकारी नहीं है तो आगे पढ़ाई करना मुश्किल हो
जाएगा।

फिर भी अगर आप इंजीनियरिंग की सबसे अच्छी और ज्यादा सैलरी वाली ब्रांच जानना चाहते हैं तो आपको बता दूं ….

ऊपर बताए गए इंजीनियरिंग के सभी ब्रांच ही भारत में बेहतरीन और अच्छी सैलरी/पैकेज वाले हैं।

Engineer banne ke liye kya kare
Engineer banne ke liye kya kare

Engineer Kaise bane – इंजीनियर बनने के लिए स्टेप क्या हैं ?

इंजीनियरिंग में डिप्लोमा और ग्रेजुएट कोर्स करके इंजीनियर बनने के स्टेप कुछ इस प्रकार से हैं –

BECOME AN ENGINEER: STEP-BY-STEP GUIDE (DIPLOMA COURSE) in Hindi

भारत में इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने के लिए कई सारे सरकारी और प्राइवेट पॉलिटेक्निक कॉलेज उपलब्ध हैं।

1. Finish 10th standard

इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने के लिए आपका पहला स्टेप है, भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त बोर्ड से कक्षा दसवीं की परीक्षा पास
करना।

अगर आप 10वीं के बाद पॉलिटेक्निक की पढ़ाई करते हैं तो आपको इसमें 3 साल लगेंगे।

जबकि अगर आप 12वीं के बाद पॉलिटेक्निक की पढ़ाई करते हैं तो इसमें मात्र 2 साल ही लगेंगे।

2. Entrance Exam & counselling

अगर आप सरकारी कॉलेज में एडमिशन चाहते हैं तो आपको पॉलिटेक्निक का एंट्रेंस एग्जाम देना होगा।

एंट्रेंस एग्जाम में अगर अच्छे नंबर आते हैं तो काउंसलिंग के आधार सरकारी कॉलेज मिल जाएगा।

अगर आप प्राइवेट कॉलेज में एडमिशन कराना चाहते हैं तो इसके लिए किसी एंट्रेंस एग्जाम की जरूरत नहीं है।

NOTE – सरकारी कॉलेज की तुलना में, प्राइवेट कॉलेज में दो से तीन गुना ज्यादा फीस ली जाती है।

Complete Diploma Course (Polytechnic)

एक बार एडमिशन होने के बाद आपको 3 साल की पढ़ाई पूरी करनी होगी जो कि 6 सेमेस्टर में विभाजित होती है।

हर एक सेमेस्टर 6 महीने का होता है यानी कुल मिलाकर 6 सेमेस्टर डिप्लोमा की पढ़ाई पूरी हो जाती है।

NOTE- कहीं-कहीं पर सेमेस्टर में परीक्षाएं ना होकर, वार्षिक परीक्षाएं होती हैं।

इसे भी पढ़े –  डिप्लोमा की पूरी जानकारी ? फीस कितनी लगेगी ?

इसमें internal tests, external exams, viva, project work और industrial training sessions होते हैं।

एक बार पढ़ाई पूरी होने के बाद आप इंजीनियर बन जाएंगे।

NOTE – अगर कोई विद्यार्थी पॉलिटेक्निक करने के बाद बीटेक करना चाहे तो उसे सीधे 2nd year में एडमिशन मिल जाएगा। इस
प्रक्रिया को lateral entry कहते हैं।

BECOME AN ENGINEER: STEP-BY-STEP GUIDE (BACHELOR’S DEGREE COURSE) in Hindi

B.E. या B.Tech. करने वाले विद्यार्थी को, डिप्लोमा करने वाले इंजीनियर से ज्यादा सैलरी मिलती है।

1. Finish 12 th standard

इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन करने के लिए कक्षा 12वीं में science stream में Mathematics group होना जरूरी है।

भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद, इंजीनियरिंग का entrance exam देने के लिए
योग्य हो जाते हैं।

जिस इंसान ने डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग की हो, वह भी अपने संबंधित ब्रांच में ग्रेजुएशन के लिए अप्लाई कर सकता है।

 

2. Entrance exam and counselling

भारत में इंजीनियरिंग के लिए दो तरह के entrance exam होते हैं-

  1. JEE Mains( National level ),
  2. State level entrance exam.

आप अपनी मर्जी से इनमें से कोई भी jee mains या दोनों एंट्रेंस एग्जाम दे सकते हैं।

अपने मनपसंद ब्रांच में एडमिशन पाने के लिए आपको एंट्रेंस एग्जाम में ज्यादा से ज्यादा नंबर लाने होंगे।

एंट्रेंस एग्जाम में लाए हुए नंबर के आधार पर ही काउंसलिंग होती है और विद्यार्थियों को कॉलेज दिया जाता है।

प्राइवेट कॉलेज के पास कई सारे quota होते हैं जैसे: NRI quota, Donation quota etc.

अगर आप प्राइवेट कॉलेज में एडमिशन कराना चाहें तो इसके लिए आपको ऊपर बताएगा quota में अप्लाई करना पड़ेगा।

इसे भी पढ़े – IIT से इंजीनियरिंग कैसे करे ? JEE एग्जाम क्या है ?

 

3. Complete Bachelor’s Course (B.E. or B.Tech.)

एडमिशन हो जाने के बाद 4 साल की पढ़ाई करनी होती है, जो 8 सेमेस्टर में विभाजित होती है।

इसमें भी internal tests, external exams, vivas, project work और industrial training sessions होते हैं।

4 साल की इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद विद्यार्थी इंजीनियर बन जाता है।

अच्छे कॉलेजेस में बड़ी-बड़ी कंपनियां प्लेसमेंट यानी विद्यार्थियों को जॉब देने के लिए आती हैं।

जिस विद्यार्थी के ज्यादा नंबर रहते हैं और जो कंपनी की जरूरत के हिसाब से योग्य होता है उसे जॉब मिल जाती है।

NOTE – अगर विद्यार्थी चाहे तो B.E. या B.Tech. के बाद जॉब ना करके पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए M.E. या M.Tech. की
पढ़ाई को continue कर सकता है।

इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद आपके लिए career opportunities के साथ-साथ तनख्वाह भी बढ़ जाती हैं।

इंजिनियर कैसे बने पूरी जानकारी –

  • सबसे पहले क्लास 12th पास करें
  • 12th के एग्जाम में आपका फिजिक्स , केमिस्ट्री और मैथ्स सब्जेक्ट होना चाहिए
  • इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए ऑनलाइन अप्लाई करें
  • एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम देना होगा
  • एंट्रेंस एग्जाम में अच्छी रैंक हासिल करें
  • एडमिशन लेने के बाद 4 साल पढ़ी करे
  • 4 साल की पढ़ी के बाद आप इंजिनियर बन जायेंगे
  • इंजीनियरिंग की फीस के लिए ये आर्टिकल पूरा पढ़े

 

Engineer Kaise bane – Engineer banne ke liye kya kare – VIDEO

 

क्या इंजीनियरिंग में एक अच्छा करियर है?

बात अगर इंजीनियरिंग की हो तो, यह हमेशा से ही एक अच्छा करियर ऑप्शन रहा है।

अगर आप अच्छे कॉलेज से अधिक अंकों और योग्यता के साथ इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करते हैं तो, बेशक ही आपको बेहतरीन
नौकरी मिलेगी।

हमें आशा है कि आपको हमारी द्वारा दी गई जानकारी Engineer Kaise bane, Engineer banne ke liye kya kare?

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