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महात्मा गाँधी पर निबंध – 10 Lines, 300, 500 Words | Essay of Mahatma Gandhi in Hindi

Essay of Mahatma Gandhi in Hindi

जब भी हमारे मन में स्वतंत्रता की बात आती है तो सबसे पहला नाम मोहनदास करमचंद गांधी जी का आता है जिन्हें राष्ट्रपिता भी कहा जाता है। महात्मा गांधी एक स्वतंत्रता सेनानी के अलावा एक अच्छे नेता (leader) और वकील (advocate) भी थे।

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1857 की क्रांति (Revolution Of 1857) को और आगे बढ़ाने देश के लोगों को जागरूक करके अंग्रेज शासन के खिलाफ आवाज उठाने में महात्मा गांधी जी का बहुत बड़ा योगदान रहा।

आइए पढ़ते हैं Mahatma Gandhi Per Essay (महात्मा गाँधी पर निबंध)

10 lines on Mahatma Gandhi In Hindi (महात्मा गांधी पर निबंध)

1. महात्मा गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था।

2. गांधी जी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था।

3. इनके पिताजी का नाम करमचंद गांधी और माताजी का नाम पुतलीबाई था।

4. महात्मा गांधी जी के पिताजी गुजरात के बहुत बड़े दीवान थे।

5. महात्मा गांधी जी की शादी केवल 13 साल की उम्र में गुजरात की कस्तूरबा गांधी से हो गई थी।

6. गांधी जी शादी के बाद पढ़ने के लिए लंदन गए थे।

7. लंदन से बैरिस्टर की पढ़ाई करने के बाद वे साउथ अफ्रीका में बैरिस्टर की ट्रेनिंग और नौकरी के लिए गए थे।

8. महात्मा गांधी जी ने साउथ अफ्रीका में पहली बार वहां के काले लोगों के हक के लिए लड़ाई लड़ी। 

9. साउथ अफ्रीका में अंग्रेजों को हराने के बाद अहिंसा का मार्ग अपनाते  हुए 1915 में गांधी जी अपने देश भारत आए और अंग्रेजो के खिलाफ कई सारे सत्याग्रह और देशव्यापी आन्दोलन चलाए।

10. महात्मा गांधी का भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में बहुत बड़ा योगदान रहा जिसे हम कभी भूल नहीं सकते।

महात्मा गाँधी पर निबंध 300 शब्दों में

महात्मा गांधी का जन्म गुजरात के पोरबंदर जिला में 2 अक्टूबर 1869 में हुआ था। महात्मा गांधी को हम भारतीय राष्ट्रपिता के रूप में सदैव याद रखेंगे।

महात्मा गांधी भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक, राजनेता, वकील थे जिन्होंने भारत को अंग्रेज सरकार से आजाद करवाने के लिए विभिन्न आंदोलनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था।

उन्होंने हर किसी को अपने जीवन में सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने की सीख दी।

महात्मा गांधी की शादी 13 वर्ष की उम्र में कस्तूरबा गांधी से करवा दी गई जिसके बाद उन्होंने अपने पढ़ाई को जारी रखा और बैरिस्टर की पढ़ाई पढ़ने के लिए लंदन गए।

गांधी जी 1915 में भारत वापस आए उन्होंने इसके बाद उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया जिसमें उनका पहला आंदोलन 1917 बिहार के चंपारण में हुआ। ये गांधी जी का भारत में  पहला सफल आंदोलन था।

चंपारण आंदोलन के बाद महात्मा गांधी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन, असहयोग आंदोलन, दांडी मार्च, और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे विभिन्न आंदोलनों में हिस्सा लिया।

अंत में 1947 में महात्मा गांधी ने भारत को अंग्रेजों से आज़ाद करवाया और दुनिया को सत्य और अहिंसा की ताकत से परिचय करवाया।

महात्मा गांधी को आज भी सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में से एक माना जाता है जिसके लिए ना केवल भारत बल्कि पश्चिमी देशों में भी इनकी कई मूर्तियों (statues) को बनाया गया हैं और आज भी गांधी जी भारत में ही नहीं दुनिया भर के तमाम देशों में जाना जाता है।

महात्मा गांधी को ना केवल भारत के राष्ट्रपिता बल्कि एक सर्वोच्च नागरिक, राजनेता, स्वतंत्रता सेनानी और समाज सेवक के रूप में सदैव याद रखेंगे।

तो ये था Essay in Hindi on Mahatma Gandhi 300 words में , आइये अब जानते है Essay in Hindi on Mahatma Gandhi 500 words में

Essay in Hindi on Mahatma Gandhi – 500 words

गुजरात के पोरबंदर में जन्मे महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहन दास करमचंद गांधी था। महात्मा गांधी के पिता का नाम करमचंद गांधी था जो गुजरात के एक बहुत बड़े दीवान थे, साथ ही महात्मा गांधी के माता जी का नाम पुतलीबाई था।

मोहनदास करम चंद्र गांधी की शादी 13 वर्ष की उम्र में कस्तूरबा गांधी से हो गई थी जिसके बाद उनके 4 पुत्र हुए।

महात्मा गांधी अपने स्नातक की पढ़ाई पूरी करके लंदन बैरिस्टर की पढ़ाई के लिए गए जहां से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद ट्रेनिंग और नौकरी के लिए साउथ अफ्रीका गए।

महात्मा गांधी ने साउथ अफ्रीका में पहली बार आंदोलन करना शुरू किया जहां उनकी मुलाकात गोपाल कृष्ण गोखले से हुई जिन्होंने इन्हें राजनीति और आंदोलन का ज्ञान दिया।

दक्षिण अफ्रीका में काले लोगों के हक के लिए लड़ाई लड़ने के दौरान उन्होंने भूख हड़ताल और राजनीति की ताकत को पहचाना जिसके बाद 1915 में वह भारत आए।

महात्मा गांधी भारत आने के बाद 1917 में बिहार के चंपारण आंदोलन से स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा लेना शुरू किया जहां बिहार के मजदूरों के लिए उन्होंने आवाज उठाई।

इस आंदोलन के सफल होने के बाद महात्मा गांधी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन और असहयोग आंदोलन, दांडी मार्च, राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस, भारत छोड़ो आंदोलन जैसे विभिन्न मुख्य आंदोलन गतिविधियों का हिस्सा बने।

महात्मा गांधी की तीव्रता और उनके प्रभाव शीला व्यक्तित्व को देखकर रविंद्र नाथ टैगोर ने उन्हें महात्मा की उपाधि दी। जिसके बाद उन्हें मोहनदास करमचंद गांधी के बजाय महात्मा गांधी कहा जाने लगा।

अंत में 1947 में भारत आजाद हुआ और भारतीय राजनीति, ग्रामीण जीवन के आदर्शीकरण में भी गांधी जी का बहुत बड़ा सहयोग रहा, जिस वजह से हम महात्मा गांधी को सदैव भारतीय राष्ट्रपिता और एक सच्चे देशभक्त के रूप में याद रखा जाएगा।

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निष्कर्ष – Essay of Mahatma Gandhi in Hindi

उम्मीद करते हैं आपको महात्मा गाँधी के उपर ये निबंध “Essay of Mahatma Gandhi in Hindi” पढ़ने के बाद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी (Mahatma Gandhi) के बारे में अच्छे से जान पाए होंगे।

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