D Pharma kya hai – फीस, जॉब, सैलरी, बेस्ट कॉलेज, योग्यता, एडमिशन प्रोसेस जानें

D Pharma kya hai – आज इस आर्टिकल में आपको डी फार्म की पूरी जानकारी मिलेगी ,

हम जानेंगे कि डी फार्म क्या है कैसे करें , D Pharma full form  क्या है, डी फार्मा की फीस कितनी है, इसमें एडमिशन कैसे लें, top colleges, डी फार्मा करने के फायदे, डी फार्मा के बाद Jobs, salary आदि के बारे में हमने नीचे बताया है।

अगर आप भी एक साइंस के विद्यार्थी हैं और हेल्थ सेक्टर में अपना करियर बनाना चाहते हैं और जानना चाहते है कि D Pharma kya hai kaise kare, तो आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें और फिर यह सुनिश्चित करें कि क्या आपको D pharma course करना चाहिए।

D pharma course details in Hindi

Full form of D pharma

  • D pharma का full form / पूरा नाम है “Diploma in Pharmacy”.
  • डी फार्मा को हिंदी में “फार्मेसी में डिप्लोमा” कहते हैं।

D Pharma kya hota hai ? (What is D Pharma in Hindi)

जैसा कि नाम से ही पता चल रहा, D pharma औषधि विज्ञान में पढ़ाया जाने वाला एक डिप्लोमा कोर्स है।

डी फार्मा कोर्स में विद्यार्थी को दवाओं और औषधियों को बनाने और उनके वितरण से जुड़ी बेसिक जानकारी दी जाती है।

D Pharma course kya hai kaise kare
D Pharma course kya hai kaise kare

D. Pharma का कोर्स कितने साल का होता है ?

डिप्लोमा इन फार्मेसी (d pharma) का कोर्स duration 2 साल का होता है। यह 4 सेमेस्टर में विभाजित होता है।

डी फॉर्मेसी का कोर्स करने के बाद विद्यार्थी फार्मासिस्ट

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बन जाता है।

डी फार्म के लिए योग्यता क्या है ?

हमने जाना कि D Pharma course kya hai  अब हम बात करते है  qualification की तो, डी फार्मा करने के लिए इच्छुक विद्यार्थी को कम से कम 55% marks के साथ 12 वीं पास होना चाहिए।

आरक्षित जाति या वर्ग के विद्यार्थियों को 12th के marks में कुछ छूट भी दी गई है।

इसके अलावा, 12th में विद्यार्थी का साइंस स्ट्रीम होना चाहिए। अर्थात् 12वीं में भौतिक विज्ञान, रासायनिक विज्ञान, जीव विज्ञान या गणित विषय होना चाहिए।

D. Pharma के लिए उम्र-सीमा कितनी है ?

बात अगर D.Pharma age limit की करें तो, डी फार्मा कोर्स में एडमिशन के लिए minimum age limit 17 साल और maximum age limit 30 -33 साल है।

कुछ कॉलेजों में इससे ज्यादा भी age limit रखी गई है। जबकि कुछ में कोई age limit नहीं रखी गई है।

आप जिस भी कॉलेज में एडमिशन लेना चाहते हैं उसके ऑफिशियल वेबसाइट से age limit जरूर जांच लें।

D pharma admission process

अगर आप ऊपर बताए गए eligibility criteria के अंदर आते हैं, तो d Pharmacy course में admission ले सकते हैं।

डी फार्मा में एडमिशन मेरिट और प्रवेश परीक्षा दोनों के आधार पर होता है।

D pharma admission process by entrance exam

डी फार्मा में एडमिशन के लिए आपको entrance exam देना होगा जिसके लिए आपको सबसे पहले एप्लीकेशन फॉर्म भरना होगा।

लगभग सभी राज्य डी फार्मा कोर्स में एडमिशन के लिए राज्य स्तर पर entrance exam (प्रवेश परीक्षा) लेते हैं। जैसे –

  • तमिल नाडु – AU AIMEE
  • उत्तर प्रदेश – UPSEE-Pharmacy
  • पश्चिम बंगाल – WBJEE-Pharmacy
  • महाराष्ट्र – MHT CET
  • उड़ीसा – OJEE-Pharmacy
  • कर्नाटक – KCET
  • राजस्थान – RUHS-P
  • गोवा – Goa CET
  • गुजरात – GUJCET

इसके अलावा राष्ट्र स्तर पर डी फार्मा कोर्स में एडमिशन के लिए आप GPAT दे सकते हैं।

प्रवेश परीक्षा के जरिए डी फार्मा कोर्स में एडमिशन लेने के स्टेप्स –

Step 1. Application form

सबसे पहले Application form fill करने के लिए उस college या University की official website पर जाएं, जहां आपको एडमिशन लेना है।

फिर वहां पूछी गई जानकारी भरकर अपना रजिस्ट्रेशन करें। रजिस्ट्रेशन के बाद एप्लीकेशन फॉर्म में जानकारी भरें।

Step 2. Documents

एप्लीकेशन फॉर्म भरने के बाद आपको मांगे गए डॉक्यूमेंट को स्कैन करके अपलोड करना होगा।

डॉक्यूमेंट अपलोड करने से एक बार यह जरूर जांच लें कि वेबसाइट पर किस फॉर्मेट और साइज में डॉक्यूमेंट अपलोड करने को कहा गया है।

Step 3. Application fees

डॉक्यूमेंट अपलोड करने के बाद एप्लीकेशन फीस जमा करनी होती है। यह प्रक्रिया भी ऑनलाइन हो जाती है।

अलग-अलग राज्यों की डी फार्मा की प्रवेश परीक्षा की एप्लीकेशन फीस अलग-अलग होती है। सामान्यतः 500 से 2000 रुपए तक प्रवेश परीक्षा के एप्लीकेशन फॉर्म की फीस होती है।

Step 4. Admit Card

एप्लीकेशन फॉर्म भरने के कुछ दिनों बाद Entrance Exam के लिए Admit Card निकलता है। जिसे ऑफिशियल वेबसाइट से डाउनलोड करें।

Admit Card पर एंट्रेस एग्जाम से जुड़ी सारी details लिखी होती है। For example – exam वाले date को exam hall में क्या सामान लेकर जाना है आदि।

इसलिए exam से पहले ही admit Card को अच्छी तरह से पढ़ लें और entrance Exam वाले दिन admit Card लेकर जरूर जाएं।

Step 5. D pharma Entrance Exam

आजकल ज्यादातर प्रवेश परीक्षा ऑनलाइन ही होते हैं। आप एग्जाम से पहले ही यह जांच लें कि आपका एग्जाम ऑनलाइन होगा या ऑफलाइन।

मार्केट में डी फार्मा एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी से जुड़ी कई किताबें मिलती हैं। जिनसे आप तैयारी करें और d pharma Entrance Exam दें।

Step 6. Results

एग्जाम के कुछ हफ्तों बाद ऑफिशियल वेबसाइट पर result निकलता है। रिजल्ट में आपके marks बताए जाएंगे। फिर बाद में इन मार्क्स के आधार पर ही काउंसलिंग होगी।

Step 7. Counselling

काउंसलिंग की प्रक्रिया में सबसे पहले ज्यादा marks वाले बच्चों का एडमिशन लिया जाता है।

अगर आपके marks भी cut off marks की लिस्ट में आते हैं तो आप एडमिशन के लिए बुलाए गए कॉलेज में जा सकते हैं।

आसान शब्दों में, जिन विद्यार्थियों के एंट्रेंस एग्जाम में ज्यादा मार्क्स आए होते हैं उन्हें सबसे पहले अपना मन चाहा सब्जेक्ट चुनते हुए मनचाहे कॉलेज में एडमिशन लेने की सुविधा दी जाती है।

काउंसलिंग में अपना मनचाहा कॉलेज और सब्जेक्ट चुनने के बाद विद्यार्थी को document Verification करवाना होता है।

Document Verification के लिए सभी original documents को कॉलेज में दिखाना रहता है।

इसके बाद विद्यार्थी का एडमिशन कन्फर्म हो जाता है।

NOTE : कुछ कॉलेजों में काउंसलिंग से पहले ग्रुप डिस्कशन और इंटरव्यू राउंड भी होता है।

D pharma admission process – merit based

बिना entrance exam के डी फार्मा कोर्स में एडमिशन पाने के लिए सबसे पहले यह पता लगाएं कि आप जहां एडमिशन कराना चाहते हैं वहां merit base पर एडमिशन होता है या नहीं।

इसके बाद, जिस कॉलेज में एडमिशन लेना हो उसका एप्लीकेशन फॉर्म भर दें। अगर आपके 12th में ज्यादा marks होंगे तो जब मेरिट लिस्ट निकलेगी तो उसमें आपका नाम भी आ जायेगा।

मेरिट लिस्ट में नाम आ जाने के बाद कॉलेज में अपने सारे डॉक्यूमेंट लेकर जाएं। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन करवाएं और फीस जमा करके एडमिशन करा लें।

D pharma की Fees कितनी होती है ?

ज्यादातर Government College में डी फार्मा की फीस लगभग 10,000 से 20,000 रुपए सालाना होती है।

जबकि Private college में डी फार्मा कोर्स की फीस 1,00,000 से 2,00,000 रुपए सालाना होती है।

डी फार्मा का सिलेबस क्या होता है ?

डी फार्मा में सामान्यतया दवाओं से जुड़ी जानकारी दी जाती है। इसमें Pharmaceutics(औषध-निर्माण विज्ञान) फार्माकोलॉजी, टॉक्सिकोलॉजी, ह्यूमन एनाटोमी और फिजियोलॉजी, बायोकेमेस्ट्री, क्लिनिकल पैथोलॉजी, ड्रग स्टोर बिजनेस मैनेजमेंट आदि कई विषय पढ़ाए जाते हैं।

सेमेस्टर अनुसार डी फार्मा का सिलेबस इस प्रकार है –

D Pharma 1st semester syllabus

  • Biochemistry और Clinical Pathology
  • Human Anatomy और Physiology- I
  • Pharmacognosy – I
  • Health Education और Community Pharmacy- I
  • Pharmacognosy Lab (प्रैक्टिकल)
  • Pharmaceutical Chemistry-I Lab (प्रैक्टिकल)

D Pharma 2nd semester syllabus

  • Hospital और Clinical Pharmacy
  • Pharmacology और Toxicology
  • Pharmaceutical Chemistry- I
  • Drug Store और Business Management
  • Pharmaceutics Lab
  • Pharmaceutical Chemistry-II Lab

D Pharma 3rd semester syllabus

  • Health Education और Community Pharmacy
  • Antibiotics
  • Human Anatomy और Physiology – II
  • Pharmacognosy- II
  • Biochemistry और Clinical Pathology Lab

D Pharma 4th semester syllabus

  • Pharmaceutics
  • Pharmaceutical Chemistry-II
  • Pharmaceutical Jurisprudence
  • Pharmaceutical Jurisprudence
  • Health Education और Community Pharmacy- II
  • Hospital और Clinical Pharmacy Lab

D Pharma colleges

इंडिया में डी फार्मा कोर्स के लिए top level के government और private दोनों तरह के कॉलेज उपलब्ध हैं।

D Pharma Government colleges list

गोवा कॉलेज आफ फार्मेसी , पंजी

  1. DIPSAR, दिल्ली
  2. गवर्नमेंट कॉलेज आफ फार्मेसी (GCP), बेंगलुरु
  3. बी.के. मोदी गवर्नमेंट फार्मेसी कॉलेज (BKMGPC), राजकोट
  4. गवर्नमेंट गर्ल्स पॉलिटेक्निक (GCPA), इलाहाबाद
  5. बिहार कॉलेज ऑफ फार्मेसी (BCP), पटना
  6. गवर्नमेंट गर्ल्स पॉलिटेक्निक (GGP), रायपुर
  7. गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMC), पटियाला
  8. गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक (GDP), देहरादून
  9. गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMC), कोट्टायम

D Pharma Private Colleges list

  1. मणिपाल कॉलेज ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज (MCOPS), मणिपाल
  2. एल एम कॉलेज ऑफ फार्मेसी (LMCP), अहमदाबाद
  3. ब्रेनवेयर यूनिवर्सिटी, कोलकाता
  4. KIET ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस (KIET), गाजियाबाद
  5. लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU), फगवाड़ा
  6. कोटा कॉलेज आफ फार्मेसी (KCP), कोटा
  7. इनवर्टिस यूनिवर्सिटी (IU), बरेली
  8. स्वामी केशवानंद फार्मेसी संस्थान (SKIP), बीकानेर
  9. ISF कॉलेज आफ फार्मेसी (ISFCP), मोगा

डी फार्मा के बाद क्या करे ?

डी फार्मा करने के बाद आप सीधे कई जगहों पर जॉब के लिए अप्लाई कर सकते हैं। या डी फार्मा के आगे की पढ़ाई भी कर सकते हैं।

D pharma के बाद higher studies करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको आगे ज्यादा तनख्वाह वाली अच्छी नौकरी मिलेगी।

नीचे हमने डी फार्मा के बाद higher education और Jobs दोनों के बारे में बताया है।

D Pharma के बाद Higher education

चूंकि डी फार्मा दवाओं के फील्ड में एक बेसिक डिप्लोमा कोर्स है। इसलिए डी फार्मा करने के बाद विद्यार्थी को कोई अन्य Higher education लेनी चाहिए ताकि वह अपने फील्ड में एक्सपर्ट बन सके।

डी फार्मा के बाद यह बैचलर Courses कर सकते हैं –

  • बी फार्मा – 3 साल
  • बी फार्मा (Hons.) – 3 साल
  • बी फार्मा (letaral entry) – 3 साल
  • बी फार्मा (आयुर्वेद) – 3 साल

इनमें से कोई भी एक बैचलर डिग्री लेने के बाद आगे पोस्ट ग्रेजुएशन और डॉक्टर की डिग्री भी ले सकते हैं।

D Pharmacy के बाद Jobs

डी फार्मेसी में admission से पहले आपको यह जरूर समझना चाहिए कि इस कोर्स का future में कितना scope है या इसे करने के बाद कौन सी job मिलेगी।

इससे आप यह सुनिश्चित कर पाएंगे कि आपको D pharma course करना है या नहीं।

डी फार्मा कोर्स के बाद इन क्षेत्रों / जगहों पर नौकरी मिलने का scope है –

  1. क्लिनिक
  2. सरकारी अस्पताल
  3. प्राइवेट अस्पताल
  4. प्राइवेट दवा की दुकान
  5. कम्युनिटी हेल्थ सेक्टर
  6. दवाओं से जुड़े संस्थान और कंपनी
  7. रिसर्च लैब
  8. खाद्य एवं औषधि प्रशासन
  9. इंडियन आर्मी

डी फार्मा कैंडिडेट को ऊपर बताए गए क्षेत्रों/जगहों पर इन पदों (posts) पर नौकरी मिलती है –

  • फार्मासिस्ट
  • ड्रग इंस्पेक्टर
  • हेल्थ इंस्पेक्टर
  • मेडिकल ट्रांसक्रिप्शनिस्ट
  • एनालिटिकल केमिस्ट
  • ड्रग थेरेपिस्ट
  • साइंटिफिक ऑफिसर
  • ड्रग/केमिकल टेक्नीशियन
  • डाटा एनालिस्ट
  • जूनियर CRA
  • सिपाही फार्मासिस्ट

इसके अलावा आप चाहें तो खुद की दवा की दुकान भी खोल सकते हैं।

D Pharma करने के बाद सैलरी कितनी मिलती है ?

डी फार्मा कर चुके उम्मीदवार की सैलरी इन बातों पर निर्भर करती है कि वह किस पोस्ट पर, कहां काम कर रहा और उसे कोई वर्क एक्सपीरियंस है या नहीं।

D Pharma kya hai puri jankari
D Pharma kya hai puri jankari

शुरुआत में fresher candidate को कम salary मिलती है। कुछ सालों का Work experience हो जाने के बाद सैलरी बढ़ती है।

शुरुआत में किसी भी Job में d pharma candidate को लगभग 10,000 से 15,000 inr monthly सैलरी मिलती है। अगर अच्छी पोस्ट पर नौकरी मिली है तो सैलरी इससे कुछ ज्यादा भी हो सकती है।

2 या 3 साल का work experience होने पर लगभग 25,000 रुपए महीने सैलरी मिलने लगेगी पर अगर आप डी फार्मा के बाद बी फार्मा का कोर्स भी कर लेते हैं तो 40,000 से 50,000 तक भी सैलरी मिल सकती है।

डी फार्मा करने के फायदे क्या है ?

Short Course Duration – मेडिकल सेक्टर में जो भी नौकरियां उपलब्ध हैं उनमें से कोई भी नौकरी मात्र 2 साल की पढ़ाई के जरिए नहीं पाई जा सकती है। जबकि डी फार्मा आपको यह मौका देती है। मात्र 2 साल का डी फार्मा कोर्स करके आप मेडिकल सेक्टर में नौकरी कर सकते हैं।

Get job easily – आज के समय में मेडिकल सेक्टर में नौकरी की भरमार है और डी फार्मा करने के बाद उम्मीदवार को मेडिकल फील्ड में आसानी से कई सारी नौकरी के विकल्प मिल जायेंगे।

Great course for basic knowledge of medicine – ऐसे विद्यार्थी जो दवाओं के फील्ड में कुछ बड़ा करना चाहते हैं उन्हे अपने पढ़ाई की शुरुआत डी फॉर्मेसी से करनी चाहिए क्योंकि इसमें फार्मसी में दवाओं की बेसिक जानकारी दी जाती है।

डी फॉर्मेसी से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (D Pharmacy FAQs in Hindi)

प्रश्न: D Pharma और B. pharma में क्या difference (अंतर) है?

उत्तर: D Pharma एक diploma course है जो 2 years का होता है जबकि B Pharma एक Bachelors degree course है जो 4 years का होता है।

डी फार्मा में विद्यार्थी को दवाओं की बेसिक जानकारी दी जाती है जबकि बी फार्मा में इससे एक स्तर ऊपर की जानकारी दी जाती है।

प्रश्न: क्या डी फार्मा की पढ़ाई हिंदी में होती है?

उत्तर: जी नहीं। डी फार्मा के पूरे कोर्स की पढ़ाई इंग्लिश में होती है।

प्रश्न: डी फार्मा ट्रेनिंग क्या होती है?

उत्तर: फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया(PCI) ने डी फार्मा के सभी विद्यार्थियों के लिए 500 घंटे की ट्रेनिंग अनिवार्य कर दी है।

इसके जरिए विद्यार्थी को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (PT) दिया जायेगा। यह ट्रेनिंग डी फार्मा के अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा देने के बाद 3 महीने के अंदर करना अनिवार्य है।

ट्रेनिंग के लिए विद्यार्थी सरकारी फार्मेसी या PCI द्वारा मान्यता प्राप्त मेडिकल स्टोर या फार्मेसी से संपर्क कर सकते हैं।

निष्कर्ष – D Pharma kya hai

D Pharma 2 साल का डिप्लोमा कोर्स है जिसमें दवाओं से जुड़ी जानकारी दी जाती है।

साइंस स्ट्रीम का विद्यार्थी 12वीं के बाद डी फॉर्मेसी का कोर्स कर सकता है।

डी फार्मा की फीस दस हजार से 4 लाख रुपए सालाना होती है।

डी फार्मा कोर्स करने के बाद विद्यार्थी को मेडिकल फील्ड में नौकरी मिलती हैं जहां वह लगभग 10,000 से 25,000 रुपए महीने के कमा सकता है।

तो हमे उम्मीद है कि अब आपको समझ आ गया होगा कि D.Pharma क्या है कैसे करें , डी फार्म की फीस कितनी है और भी बहुत सी बाते हमने जानी |

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